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लिवर में सूजन के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? - कारण, इलाज, बचाव और घरेलॠउपाय
लिवर कà¥à¤¯à¤¾ है
लिवर हमारे शरीर का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤— है जिसके बिना शरीर का सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना नामà¥à¤®à¤•िन है। लिवर के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की बात करें तो यह खून के थकà¥à¤•ों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है, रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा ( बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र) को बरकरार रखता है, चयापचय को सही रखता है, रकà¥à¤¤ से हानिकारक रसायनों को फिलà¥à¤Ÿà¤° करता है। इसके अलावा लिवर हमारे शरीर से जहरीले रसायन को बाहर निकालने में मदद करता है। लिवर पितà¥à¤¤ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है और चरà¥à¤¬à¥€ व अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पचाने में मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। यह कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ को सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करता है और जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शरीर को देता (रिलीज) रहता है।
लिवर में सूजन होने का कारण
à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब तक लिवर के कारà¥à¤¯ में बांधा नही आती है तब तक हमें कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखते हैं।
लिवर में सूजन के कारण यह अपना कारà¥à¤¯ ठीक से नही कर पाता है जिसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¤°à¤¿à¤£à¤¾à¤® में आपका शरीर बीमार पड़ने लगता है। लिवर में सूजन होने का सबसे आम और मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हेपेटाइटिस संकà¥à¤°à¤®à¤£ का होना है| लेकिन अनà¥à¤¯ कारणों से à¤à¥€ लिवर में सूजन आ सकता है। लिवर में सूजन कई मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक बीमारियों, ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न बीमारियों, कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• बीमारियों और अनà¥à¤¯ कारणों के वजह से à¤à¥€ दिखता है जो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं :
हेपेटाइटिस à¤, बी, सी, डी और ई संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण लिवर में रकà¥à¤¤ का बहाव सही से न होने पर
लिवर सिरोसिस के कारण
अलà¥à¤•ोहलिक और नॉन - अलà¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर
कà¥à¤› दवाइयों या हानिकारक रसायनों के पेट में जाने से लिवर में सूजन आ सकता है।
लिवर सिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸: यह बीमारी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ ही होती है जिसके कारण लिवर में थैलियां बन जाती हैं और इनमें तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¤° जाता है।
हेमेंजियोमा और à¤à¤¡à¤¿à¤¨à¥‹à¤®à¤¾: ये बीमारियां लिवर में नॉन - कैंसरस टà¥à¤¯à¥‚मर बना सकती हैं जिससे सूजन आ सकता है।
à¤à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¥‰à¤¯à¤¡à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी है जिसमे असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लिवर में जमा होने लगता है।
विलà¥à¤¸à¤¨ की बीमारी: यह à¤à¤• अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक बीमारी है जिसमे लिवर, हृदय, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और अनà¥à¤¯ अंगों में कॉपर जमा होने लगता है।
हीमोकà¥à¤°à¥‹à¤®à¥ˆà¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: यह à¤à¤• अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक बीमारी है जिससे लिवर, हृदय और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में आयरन अधिक जमा होने लगता है।
गौचर रोग: इस बीमारी के कारण लिवर में चरà¥à¤¬à¥€ का अधिक जमाव होने लगता है जिससे सूजन आ जाता है।
लिवर में सूजन होने के लकà¥à¤·à¤£
पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ लिवर में सूजन होने के बाद इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखने में कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ तà¤à¥€ दिखते हैं जब लिवर अपना काम सही से नही कर पाता है। लिवर में सूजन होने पर निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं:
अचानक वजन कम होना।
à¤à¥‚ख कम लगना।
पेट के दाहिनी ओर ऊपरी à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ होना।
कमजोरी और थकान आना।
पीलिया होना (आंखों और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के सफ़ेद à¤à¤¾à¤— का पीलापन)।
मल हलà¥à¤•ा पीला होना।
जी मिचलाना और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना।
बà¥à¤–ार आना।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना।
पेट फूला हà¥à¤† महसूस होना।
पैरों और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन होना।
लिवर में सूजन का निदान
लिवर में सूजन होने पर सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके लिवर का निदान करते हैं। लिवर के निदान में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित जांच किठजाते हैं:
लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ: इस जांच में रकà¥à¤¤ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ जांच किठजाते हैं जिससे लिवर में सूजन का कारण पता चल सके।
इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ: इस जांच में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, सीटी सà¥à¤•ैन और à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤‡ की मदद से लिवर के आकार का पता लगाया जाता है।
लिवर बायोपà¥à¤¸à¥€: जब लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ और इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ की मदद से सूजन का कारण पता नही चल पाता है तब बायोपà¥à¤¸à¥€ की जाती है। लिवर बायोपà¥à¤¸à¥€ में लिवर के ऊतकों का à¤à¤• सैंपल जांच के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है। इस जांच में लिवर के सूजन का कारण पता चल जाता है।
लिवर में सूजन होने के इलाज
लिवर में सूजन होने पर इसका सीधा इलाज नही किया जाता है। सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° लिवर का निदान करते हैं। निदान में बीमारी का पता चलने पर इसका उपचार किया जाता है। जैसे - जैसे बीमारी ठीक होती है वैसे - वैसे लिवर का सूजन à¤à¥€ ठीक होने लगता है।
लिवर में होने वाली बीमारियों का इलाज डॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨ तरीकों से करते हैं:
अलà¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर का इलाज: अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में शराब पीने के कारण यह बीमारी होती है और शराब को पूरी तरह छोड़ने से कà¥à¤› महीनों में यह बीमारी नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो सकती है। अगर अलà¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ गया है तो लिवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट की à¤à¥€ जरूरत पड़ सकती है।
नॉन अलà¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर का इलाज: इस बीमारी को आमतौर पर अधिक दवाइयों और उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नही पड़ती है। नॉन अलà¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर का इलाज अचà¥à¤›à¥€ जीवनशैली जैसे सà¥à¤¬à¤¹ उठकर कसरत करना और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार लेने से सही हो जाता है।
हेपेटाइटिस संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज: लिवर में सूजन अकà¥à¤¸à¤° हेपेटाइटिस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से ही होता है। अगर हेपेटाइटिस ठया बी का संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† तो टीकाकरण से इलाज हो जाता है। अगर हेपेटाइटिस सी का संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टी - वायरल दवाà¤à¤‚ देते हैं जिससे ४ से ६ महीनों में आराम मिल सकता है।
अलà¥à¤•ोहलिक हेपेटाइटिस: बहà¥à¤¤ लंबे समय से और अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में शराब के सेवन से à¤à¥€ लिवर में संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है जिससे लिवर में सूजन देखने को मिलता है। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको शराब धीरे - धीरे छोड़ने की थेरेपी देते हैं। अगर अलà¥à¤•ोहलिक हेपेटाइटिस कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ( लंबे समय ) हà¥à¤† तो सिरोसिस हो जाता है जिससे लिवर की कोशिकाà¤à¤‚ मरने लगती हैं।
लिवर सिरोसिस: लिवर सिरोसिस तब होता है जब अधिक शराब पीने या अनà¥à¤¯ कारणों से लिवर की कोशिकाà¤à¤‚ हमेशा के लिठडैमेज होने लगती हैं। लिवर सिरोसिस को ठीक नही किया जा सकता है लेकिन दवाइयों और जीवनशैली में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाकर सिरोसिस को बढ़ने से रोका जा सकता है। अगर लिवर सिरोसिस की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हà¥à¤ˆ तो लिवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है।
मोनोनà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: यह à¤à¤• तरह का वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो à¤à¤ªà¥à¤¸à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ - बार वायरस के कारण होता है। यह नवयà¥à¤µà¤•ों को अकà¥à¤¸à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है। इससे हाथ - पैर में दरà¥à¤¦, थकान और बà¥à¤–ार होता है। यह आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° खूब पानी पीने और आराम करने की सलाह देते हैं। बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ के लिठकà¥à¤› दवाओं की जरूरत पड़ सकती है।
लिवर के सूजन से कैसे बचें
लिवर के सूजन से बचने के लिठआपको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली और सही खान - पान रखना जरूरी होता है। लिवर में सूजन आने का कारण कà¥à¤› बीमारियां होती हैं जैसे फैटी लिवर, हेपेटाइटिस संकà¥à¤°à¤®à¤£ आदि। अगर इन बीमारियों से आप बच जाते हैं तो लिवर में सूजन नही होगा।
इन बीमारियों से बचने के उपाय कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
सबसे पहले शराब पीना बिलà¥à¤•à¥à¤² छोड़ दें।
रोज सà¥à¤¬à¤¹ उठकर टहलना शà¥à¤°à¥‚ करें। इसके अलावा वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ कर सकते हैं।
अगर आपका वजन अधिक है तो इसे कम करने की कोशिश करें।
हमेशा बैठे या सोठन रहें। à¤à¤¸à¤¾ करने से रकà¥à¤¤ संचार ठीक से नही हो पाता है।
खाने में ताज़े फलों और जूस को शामिल करें। जैसे संतरा, पपीता, अंगूर, जामà¥à¤¨ आदि।
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€ जैसे पालक, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली का सेवन करें।
वसायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से दूर रहें। मलाईदार दूध, मकà¥à¤–न,आइसकà¥à¤°à¥€à¤®, पिज़à¥à¤œà¤¼à¤¾, बरà¥à¤—र, फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ फूड आदि चीजों का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें।
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